आगरा, 21 अगस्त। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पिछले दिनों की गई 140 निजी अस्पतालों की जांच में 85 निजी अस्पतालों में मानक पूरे नहीं पाए गए। कई अस्पतालों में इलाज के इंतजाम नहीं मिले तो कई अस्पतालों के आईसीयू में डॉक्टर नहीं थे और कमरे में बेड डालकर आईसीयू बना दिया था। इसके लिए मनमाने चार्ज भी मरीजों से वसूले जा रहे थे। 
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव के अनुसार, टीम की जांच के बाद मानक पूरे न मिलने वाले 85 अस्पतालों को नोटिस दिया गया है। इनका जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने जिले में अस्पताल के साथ ही क्लीनिक और लैब सहित 1241 पंजीकरण किए हैं इसमें से 486 निजी अस्पताल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने टीमें गठित कीं और हर क्षेत्र के अस्पतालों की जांच कराई गई। पहले चरण में 140 अस्पतालों का निरीक्षण किया गया। जांच में साठ प्रतिशत अस्पताल मानकों में फेल मिलने पर नोटिस दिया गया है। 
कई अस्पतालों में आईसीयू में बीएएमएस डिग्री धारक मिले जबकि आयुर्वेदिक चिकित्सक एलोपैथिक पद्धति से इलाज नहीं कर सके हैं। अप्रशिक्षित स्टाफ भी मिला और अस्पताल संचालक पंजीकरण के दस्तावेज नहीं दिखा सके। अग्निशमन विभाग, नगर निगम, एडीए और आवास विकास परिषद की एनओसी नहीं मिली। आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम भी नहीं मिले। 
सीएमओ का कहना है कि अस्पताल संचालकों के पंजीकरण का संतोषजनक जवाब न देने पर टीम दोबारा जांच करेगी। इसके बाद एक और मौका दिया जाएगा। इसके बाद भी मानक पूरे नहीं किए जाते हैं तो मरीज भर्ती करने पर रोक लगाई जाएगी। इसके साथ ही पंजीकरण निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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