साइबर फ्रॉड: महिला की आईडी बनाकर खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारी से 2.6 करोड़ रुपये ठगे

आगरा, 15 जून। जिले में साइबर फ्रॉड के नित नए मामले सामने आ रहे हैं। ताजा मामले में साइबर ठगों द्वारा महिला के नाम की आईडी बनाकर खाद्य एवं रसद विभाग के मार्केटिंग अधिकारी से करीब 2.6 करोड़ रुपये ठग लिए गए। पीड़ित ने थाना साइबर क्राइम में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारी से क्रिप्टो करेंसी में निवेश कराया गया। देवरी सड़क स्थित मुन्ना पैलेस कॉलोनी निवासी अगम तेज प्रकाश खाद्य एवं रसद विभाग में मार्केटिंग अधिकारी हैं। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि विगत नौ अगस्त को फेसबुक पर निधि शर्मा नाम की एक आईडी से संदेश आया। निधि ने खुद को पश्चिम बंगाल का निवासी बताया। फेसबुक मैसेंजर पर बातचीत के बाद दोस्ती हो गई। इसके बाद बातों में फंसाकर महिला व्हाट्सएप पर बात करने लगी। महिला ने उनको पहले क्रिप्टो करेंसी ट्रेडिंग में भारी मुनाफा कमाने का झांसा दिया। क्रिप्टो करेंसी के वाउचर दिखाकर रकम जमा करवाई। 
इसके बाद पीड़ित को ट्रस्ट कॉइन ट्रेडिंग नाम के वाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया और ट्रेडिंग कराई गई। आरोपियों ने थोड़ा मुनाफा दिखाकर भरोसा मजबूत किया। निवेश की राशि बढ़ने पर विड्रॉल में बाधाएं बताई जाने लगी। युवती का पिता बनकर एक व्यक्ति ने संपर्क किया और आलोक नाम के व्यक्ति की मदद से रुपये का भुगतान कराने का आश्वासन दिया। 
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आलोक ने कमीशन तय कर करीब 1.42 करोड़ रुपये का लाभ क्रिप्टोकरेंसी में दर्शाया। रकम निकालने की कोशिश की तो पहले कमीशन लिया गया। करीब आठ माह में विभिन्न बैंक खातों, यूपीआई आईडी और क्रिप्टो वॉलेट एड्रेस पर कुल 2.6 करोड़ रुपये स्थानांतरित कराए गए। आरोपियों ने खुद को सेबी से पंजीकृत होने का भी दावा किया था। अप्रैल के बाद आरोपियों ने संपर्क बंद कर दिया। अब भी वेबसाइट पर लाखों की कीमत के क्रिप्टो करेंसी में लाभ दिखाए जा रहे हैं। 
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार ने मीडिया से कहा कि नंबरों और बैंक खातों की जानकारी की जा रही है। सभी खातों का पता लगाया जा रहा है। 
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