कलक्ट्रेट में दिखा अजब नजारा, किन्नरों ने किया जमकर प्रदर्शन
आगरा, 30 मार्च। केंद्र सरकार के प्रस्तावित ट्रांसबिल 2026 के खिलाफ सोमवार को कलक्ट्रेट में बड़ी संख्या में किन्नरों ने जमकर प्रदर्शन किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनके संवैधानिक अधिकारों से खिलवाड़ हुआ, तो देशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा।
जिलाधिकारी कार्यालय को दिए ज्ञापन में किन्नर महापंचायत ने कहा कि किन्नर समुदाय ऐसे किसी भी कानून को स्वीकार नहीं करेगा जो उन्हें समाज में पीछे धकेलता हो। महापंचायत ने मांग की कि सरकार केवल कानून न बनाए, बल्कि ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्रों में संवेदनशील और ठोस नीतियां लागू करे।
किन्नर समुदाय ने नालसा बनाम भारत संघ (2014) के ऐतिहासिक फैसले का हवाला दिया और कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को तीसरे लिंग के रूप में मान्यता देते हुए आत्म-पहचान को मौलिक अधिकार माना है। यदि प्रस्तावित बिल में लैंगिक पहचान को किसी प्रशासनिक या चिकित्सीय प्रमाण से जोड़ा जाता है, तो यह सीधे तौर पर संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 19 और 21 का उल्लंघन होगा। हम भी इस देश के नागरिक हैं। नालसा जजमेंट ने हमें पहचान दी थी, लेकिन ट्रांसबिल 2026 उसे कमजोर करने की कोशिश है। अगर हमारी पहचान ही छीन ली गई, तो हम सम्मान से कैसे जिएंगे?
ज्ञापन में राष्ट्रपति से अपील की गई है कि वे इस विधेयक की गहन समीक्षा कर इसे निरस्त करने के लिए हस्तक्षेप करें। प्रदर्शनकारियों में किन्नर महापंचायत की अध्यक्ष गुरु रेखा मां, गुरु हरिया मां, गुरु मुकेशबाई मां, गुरु इंद्रा बाई मां, गुरु दिला मां, सचिव राधिका सोनी के अलावा उषा, सुनीता, लच्छो, माला, मुन्नी, काजल, बाबरा, सलमा, रानी, सोनिया, शब्बो, चांदनी, पूजा, सरोज, प्रीति, गुड्डी, जरीना, जमीला, गुड़िया, मुस्कान, शोभा, खुशबू, किरण, अफसाना, ज्योति, निक्की आदि शामिल थीं।
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