एक अप्रैल से बदल रहे ऑनलाइन पेमेंट के नियम!

आगरा, 30 मार्च। वरिष्ठ कर अधिवक्ता राजकिशोर ने आम नागरिकों को ऑनलाइन पेमेंट के एक अप्रैल से बदल रहे नियमों के प्रति जागरूक करते हुए सावधानियां बरतने की अपील की है 
उन्होंने बताया कि ये नियम नागरिकों के बैंक अकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए लागू हो रहे हैं। इन नियमों का उद्देश्य ऑनलाइन पेमेंट को अधिक सुरक्षित बनाना है।
इन नए नियमों का पालन करके, आप अपने बैंक अकाउंट को सुरक्षित रख सकते हैं और ऑनलाइन पेमेंट को अधिक सुरक्षित बना सकते हैं। ये नियम इस प्रकार हैं - 
1. डायनामिक टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (Dynamic Two-Factor Authentication)
हर पेमेंट की जाँच होगी कि वह कहाँ से किया जा रहा है। यह सुनिश्चित करेगा कि आपका अकाउंट सुरक्षित रहे और कोई अनधिकृत व्यक्ति आपके अकाउंट का उपयोग न कर सके। इसका मतलब है कि अब आपके हर पेमेंट की जाँच की जाएगी कि वह आपके द्वारा ही किया जा रहा है या नहीं।
2. स्क्रीनशॉट और स्क्रीन रिकॉर्डिंग बैन (Screen Shot and Screen Recording Ban)
बैंकिंग ऐप में स्क्रीनशॉट या स्क्रीन रिकॉर्डिंग नहीं ले पाएंगे। यह स्कैमर्स को आपकी स्क्रीन रिकॉर्ड करके आपके अकाउंट की जानकारी प्राप्त करने से रोकने के लिए है। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि स्कैमर 'एनी डेस्क' (AnyDesk) जैसे ऐप के जरिए आपकी स्क्रीन रिकॉर्ड कर लेते हैं, और वहाँ से वे OTP और पासवर्ड पता करके, आपके मोबाइल को ऑपरेट करते हुए आपके पैसे निकाल लेते हैं।
3. रात के समय ट्रांज़ैक्शन लॉक (Night Time Transaction Lock)
रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक ट्रांज़ैक्शन लॉक कर सकते हैं। इस दौरान, कोई भी आपके अकाउंट से पैसे नहीं निकाल पाएगा। बैंकों ने अपने ऐप में यह नियम बनाया है कि अगर आप चाहें, तो रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक अपने ट्रांज़ैक्शन लॉक कर सकते हैं।
4. फ़्रॉड ऐप और मैलवेयर की चेतावनी (Fraud App and Malware Warning)
फ़्रॉड वाला ऐप या मैलवेयर डाउनलोड करने पर चेतावनी मिलेगी। यह आपको संभावित खतरों से बचाने में मदद करेगा। जैसे ही आप कोई फ़्रॉड वाला ऐप या मैलवेयर डाउनलोड करेंगे, आपको तुरंत चेतावनी मिल जाएगी।
5. OTP सिस्टम में बदलाव (OTP System Change)
SMS के ज़रिए OTP आना बंद हो जाएगा। OTP बैंकिंग ऐप में मिलेगा, जिससे आपका अकाउंट अधिक सुरक्षित रहेगा। इसका मतलब है कि अब आपको OTP उसी ऐप या बैंकिंग ऐप में मिलेगा, जिसका आप इस्तेमाल करते हैं।
6. अतिरिक्त सवाल (Additional Questions)
बड़े ट्रांज़ैक्शन पर अतिरिक्त सवाल पूछे जा सकते हैं। यह सुनिश्चित करेगा कि आप ही ट्रांज़ैक्शन कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, अगर आप 2000 रुपये का ट्रांज़ैक्शन करते हैं, और अचानक आपके अकाउंट से 50,000 रुपये, 1,00,000 रुपये या उससे ज़्यादा निकल जाते हैं, तो आपसे पूछा जाएगा कि आपकी माँ का नाम क्या है, आपने किस स्कूल में पढ़ाई की है, या आपने जो भी सिक्योरिटी सवाल सेट किए हैं, उनमें से कोई भी सवाल पूछा जा सकता है।
7. बिहेवियरल बायोमेट्रिक्स (Behavioral Biometrics)
बैंकिंग ऐप आपके टाइप करने के तरीके और स्क्रीन इस्तेमाल से पहचान करेगा। यह सुनिश्चित करेगा कि आप ही अपने अकाउंट का उपयोग कर रहे हैं। इसका मतलब है कि आपका बैंकिंग ऐप आपके टाइप करने के तरीके, आपकी टाइपिंग की गति और आप अपनी स्क्रीन को कैसे इस्तेमाल कर रहे हैं, इन सब बातों से यह पक्का करेगा कि आप ही वहां मौजूद हैं या नहीं।
8. आधार और बायोमेट्रिक्स (Aadhaar and Biometrics)
बड़े लेन-देन के लिए आधार लिंक, फिंगरप्रिंट या फेस स्कैन की जानकारी जरूरी होगी। यह आपके अकाउंट को अधिक सुरक्षित बनाएगा। अगर आप बैंकिंग ऐप से कोई बड़ी रकम का लेन-देन करते हैं—जैसे कि 5,00,000 रुपये, 8,00,000 रुपये या 10,00,000 रुपये—तो आपसे आपके आधार लिंक, फिंगरप्रिंट या फेस स्कैन की जानकारी मांगी जाएगी।
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