चौकी प्रभारी ने चोरी के आरोप में पीटा, नाजुक अंग में करंट लगाया, अदालत के आदेश पर मुकदमा दर्ज

आगरा, 21 मार्च। थाना छत्ता की गुदड़ी मंसूर खां पुलिस चौकी के प्रभारी समेत पांच लोगों के खिलाफ अदालत के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। तत्कालीन चौकी प्रभारी पर थाने में युवक को पीटने और उसके नाजुक अंग में करंट लगाने का आरोप लगा है। आरोपी दरोगा वर्तमान में शाहगंज थाने में तैनात है। थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह मुकदमा एमएम गेट क्षेत्र के मोतीकटरा निवासी ओमवीर सिंह तोमर ने दर्ज कराया। आरोप है कि पुलिस ने उसे चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया। उसे गिरफ्तार कर थाने में पीटने के साथ ही नाजुक अंग में करंट लगाया। ओमवीर सिंह तोमर बेलनगंज पथवारी में स्थित भजनलाल होतचंदानी की आरएस पावर टूल्स नामक दुकान पर पन्द्रह हजार रुपये की नौकरी करता था। अर्जुन, जीतू और गौरव भी दुकान पर बैठते थे। बीते वर्ष दुकान में चोरी हो गई। लेकिन ओमवीर चोरी से कुछ दिन पहले ही नौकरी छोड़ चुका था। दुकान मालिक भजनलाल ने अज्ञात के खिलाफ पुलिस से शिकायत की। आरोप है कि बाद में चोरी के मामले में ओमवीर सिंह को फंसा दिया।
दर्ज मुकदमे में ओमवीर सिंह ने कहा कि 26 अगस्त, 2025 को गुदड़ी मंसूर खां के चौकी इंचार्ज सुखवेंद्र सिंह अपने साथ तीन दरोगा व तीन सिपाही को लेकर आए और भजनलाल की ओर से मुकदमा दर्ज कराए जाने की बात कही। उसने दुकानदार से बात की तो उन्होंने नौकरी पर वापस आने की बात कही। इन्कार करने पर वेतन के रूप में दिए गए रुपये व चार लाख रुपये की मांगे गए।
ओमवीर ने आरोप लगाया कि दरोगा ने दुकान मालिक से रिश्वत लेकर उसे गिरफ्तार कर थाने में पीटने के साथ ही नाजुक अंग में करंट लगाया। उसने तर्क दिया कि दुकान में 22 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, उन्हें चेक कर लो। चौकी इंचार्ज ने उसकी नहीं सुनी और न ही कैमरे चेक किए। आरोप है कि चौकी इंचार्ज की ओर से भी रिश्वत मांगी गई। दुकानदार से ही पुराना सामान लिया और बरामदगी में दिखाकर उसे जेल भेज दिया।
जेल से छूटने के बाद उसने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। युवक का कहना था कि दुकानदार से उसका पंखे का विवाद चल रहा था। इसीलिए उसने नौकरी छोड़ दी थी। इसीलिए उसे चोरी के झूठे मुकदमे में फंसाया गया।
थाना प्रभारी छत्ता अंकुर मलिक ने मीडिया को बताया कि दुकान में हुई चोरी के मामले में ओमवीर सिंह तोमर सहित तीन लोग जेल गए थे। उनकी निशानदेही पर चोरी का माल भी बरामद किया गया। अब अदालत के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
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