पाकिस्तान और कश्मीर तक फैला है आगरा धर्मांतरण गैंग का नेटवर्क!
आगरा, 06 मई। धर्मांतरण गैंग के चार आरोपियों की पुलिस रिमांड में फंडिंग और नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग मिले हैं। पुलिस की पूछताछ में धर्मांतरण गैंग के पाकिस्तान और कश्मीर तक फैले खतरनाक नेटवर्क का खुलासा हुआ।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों तलमीज उर रहमान, परवेज अख्तर, जतिन कपूर और हसन मोहम्मद ने कुबूल किया कि धर्मांतरण के लिए फंडिंग के तार दिल्ली के शाहीन बाग और बाटला हाउस के साथ ही पाकिस्तान से जुड़े हैं। पुलिस को धर्मांतरण संबंधी लेनदेन के भी सबूत मिले, जो दिल्ली के शाहीन बाग और बाटला हाउस से जुड़े बताए जा रहे हैं।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी तलमीज उर रहमान ने बताया कि धर्मांतरण के लिए आने वाली पैसों की फंडिंग और टिकट से जुड़े रिकॉर्ड दिल्ली के बाटला हाउस क्षेत्र में डॉ. आदिल के पास रखे हैं। परवेज अख्तर ने बताया कि मौलाना कलीम सिद्दीकी के दामाद के दवा केंद्र पर धर्मांतरण संबंधी लेनदेन का रजिस्टर रखा जाता था, जिसे डर के कारण शाहीन बाग में छिपा दिया गया। जतिन कपूर उर्फ जाशिम कपूर ने बताया कि उसके पास एक टैब है, जिसमें आर्थिक मदद का पूरा हिसाब-किताब और संबंधित लोगों के नाम दर्ज हैं। उसने यह भी बताया कि वह पाकिस्तान के लोगों से संपर्क में रहा है और उनके नंबर भी टैब में हैं।
हसन मोहम्मद से पूछताछ में सामने आया कि अब्दुल रहमान गिरोह में मौलाना कलीम सिद्दीकी का दामाद शामिल है, जिसने कश्मीर से लेकर कई राज्यों में नेटवर्क फैला रखा है। इससे जुड़े लोगों के नंबर डीग में एक रिश्तेदार के यहां छिपाकर रखे गए हैं, जिन्हें बरामद कराया जा सकता है।
गौरतलब है कि सदर क्षेत्र की निवासी दो सगी बहनों के धर्मांतरण मामले में पुलिस ने दिल्ली के परवेज अख्तर, जाशिम उर्फ जतिन कपूर, तलमीज उर रहमान और राजस्थान के डीग निवासी मौलाना हसन को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने चारों को तीन दिन की रिमांड पर भेजा था। रिमांड पूरी होने के बाद बुधवार को पुलिस ने सात दिन की और रिमांड के लिए अर्जी दी।
डीसीपी क्राइम आदित्य सिंह ने मीडिया को बताया कि गैंग गली-मोहल्लों में जाकर बीमार और बेरोजगार लोगों को निशाना बनाता था। पहले पानी की बोतल, खाने का सामान बांटकर मदद करते थे। इस दौरान कलीम सिद्दीकी की किताबें साथ रखते थे। जो लोग परेशानी बताते, उन्हें किताब थमा देते और मोबाइल फोन नंबर ले लेते थे। इसके बाद अलग-अलग नंबरों से कॉल कर इस्लाम की खूबियां गिनाते थे। सोशल मीडिया पर धर्म परिवर्तन के वीडियो दिखाकर प्रभावित करते थे। कई बार पैसों का लालच भी दिया जाता था।
पुलिस के मुताबिक, सजा काट रहे कलीम सिद्दीकी के जेल जाने के बाद गिरोह की कमान कई लोगों ने संभाल ली थी। ये लोग अलग-अलग जिलों में जाकर नेटवर्क चला रहे थे। अब तक पांच-छह नाम सामने आए हैं। फंडिंग करने वालों की तलाश जारी है।
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